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देश
Publish Date: Jul 24, 2016
कश्मीर के लोगों से भावनात्मक संबंध चाहते हैं : राजनाथ
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 श्रीनगर। कश्मीर में लोगों से संपर्क कायम करने का प्रयास करते हुए केंद्र ने कहा कि वह उनके साथ जरूरत..आधारित नहीं बल्कि भावनात्मक संबंध चाहता है। इसके साथ ही केंद्र ने यह भी कहा कि घाटी में एक बार शांति बहाल हो जाए, फिर जिस किसी से भी जरूरत होगी, वह बातचीत के लिए तैयार है। कश्मीर में हाल के दिनों में पैदा हुयी अशांति में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को भीड़ के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल से यथासंभव परहेज करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह गैर-घातक हथियारों के उपयोग पर गौर करने के लिए उनके द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति दो महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी। घाटी की अपनी यात्रा के दौरान सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कांफ्रंेस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। गृह मंत्री को सांैंपे एक ग्यापन में नेकां ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रूख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है। सिंह ने राज्य में शंाति और सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद के लिए अपील करते हुए घाटी में लोगों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया और कहा, जहां तक भारत सरकार का सवाल है, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि हम सिर्फ जरूरत आधारित संबंध नहीं चाहते बल्कि कश्मीर के साथ एक भावनात्मक संबंध बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में एक बार शांति बहाल हो जाए, फिर जिस किसी से भी जरूरत होगी, केंद्र बातचीत करेगा। यह पूछे जाने पर कि अलगाववादियों के साथ कोई बातचीत होगी, सिंह ने कहा, पहले सामान्य स्थिति और शंाति बहाल होने दीजिए, हम यहां मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे और हम उन्हें विश्वास में लेने के बाद ही कार्य करेंगे। उन्होंने कहा, पहले हम सुनिश्चित करें कि सामान्य स्थिति बहाल हो। उसके बाद, हम जिस किसी से चाहेंगे, उससे बात करेंगे। सिंह ने कहा, मतभेद को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है क्योंकि दूसरा कोई हल नहीं है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल तुरंत नहीं निकल सकता। समस्याओं का हल 15 दिनों में या एक महीने में नहीं हो सकता। इसमें समय लगेगा। उन्होंने कहा, मैं महसूस करता हूं कि लोकतंत्र में अगर कश्मीरियत के लिए कोई जगह है तो यह सिर्फ इंसानियत की होगी। उन्होंने कहा कि देशभर के लोग चाहते हैं कि कश्मीर एक बार फिर फिरदौस (स्वर्ग) बने। घाटी में चल रही अशांति के दौरान घायल हुए लोगों के प्रति सहानुभूति जताते हुए सिंह ने युवाओं से पथराव से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, मैं कश्मीर के युवाओं से अपील करता हूं कि वे पथराव में शामिल नहीं हों और सुरक्षा बलों को पेलेट गन के उपयोग से यथासंभव परहेज करना चाहिए। 

 
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