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राज्यों से
Publish Date: Jul 23, 2016
भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के जिलों में सभी नदियां पूरे उफान पर



पूर्णिया/अररिया/किशनगंज।

भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों में सभी नदियां पूरे उफान पर हैं । महानंदा, बकरा, परमान, सुरसर, रतवा, नूना और कनकई नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में बाढ़ की स्थिति भयावह होने लगी है । पूर्णिया में 12 साल की एक बच्ची बह गई है तो किशनगंज में दो लोगों की डूबने से मौत की खबर है ।
    तीनों जिलों में पानी के दबाव के कारण कई तटबंध टूट गए हैं, जिससे सैकड़ों गांवों का संपर्क मुख्य पथ से टूट गया है । बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। पूर्णिया के बैसा, अमौर, बायसी और डगरुआ के कई क्षेत्रों में पानी घुस गया है । बायसी प्रखंड में अबतक 250 और डगरुआ के 100 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है । प्रभावित लोग प्रशासन द्वारा लगाए गए शिविर में शरण लिए हुए हैं । नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद अररिया जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है ।

    किशनगंज जिले में पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ से घिरे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले में तकरीबन डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं । शनिवार को नदी से दो शव बरामद हुए, जिसमें एक की पहचान हो गई है । इससे पहले गुरुवार को भी दो लोगों की डूबने से मौत हो गई थी ।

    बैसा,अमौर, बायसी और डगरुआ के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। महानंदा, कनकई और परमान कहर ने बायसी के करीब 250 घरों को लील लिया है। लोग स्कूल की छत पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए छह जगहों पर कैंप लगाए गए हैं। बायसी में बाढ़ ने एक बच्ची की जान ले ली। मीनापुर पंचायत की 12 वर्षीय बच्ची अर्चना पिता मतिउर रहमान शुक्रवार को बाढ़ की भेंट चढ़ गई । यह हादसा तब हुआ जब गांव के कई बच्चे बाढ़ के पानी में नहा रहे थे । उसी समय एक तेज बहाव आया और अर्चना को अपने साथ ले गया । बच्चों ने जब अर्चना को बहते देखा तो चिल्लाने लगे। कई लोग उसे बचाने के लिए आए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका ।

    मजगामा पंचायत के 250 घरों को नदी निगल गई। इस गांव के लोग स्कूल की छत पर आसरा लिए हुए हैं। स्कूल के चारों तरफ पानी है। कई लोग भाग कर बायसी गए हैं। मो. अखलाक, अबू जफर और सागर बोसाक ने बताया कि हर साल हम लोगों को बाढ़ के कारण बेघर होना पड़ता है ।

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