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इंटरव्यू
Publish Date: Sep 08, 2015
एक्टर को हमेशा सीखते रहना चाहिए-प्रिया
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दूरदर्शन पर प्रदर्शित होने वाले सीरियल 'उम्मीद नयी सुबह में' पूनम  का किरदार निभा रही प्रिया  भवोरिया सीरियल में एक भोली भाली लड़की के किरदार में है  जो अपने  परिवार को हमेशा खुश देखने के लिए किसी भी मुसीबत से लड़ जाती है और अपने परिवार से बहुत प्यार करती है.वही साथ-साथ 'बेटी का फर्ज ' इस शो में एक गंभीर वकील के किरदार है है प्रिया .दोनों ही किरदार को बखूभी निभाने वाली प्रिया  से हुई एक खास मुलाकात में उन्होंने अपने रील और रियल लाइफ के बारे में कुछ बाते शेयर किये :

   
प्रिया जी सबसे पहले आप अपने बारे में कुछ बताइये?
मैं हिमाचल से हूँ ,मेरा जन्म दिल्ली में हुआ है और पूरी पढाई चंडीगड़ में हुई है .प्रोफेशन से मैं एक प्रोफेसर हूँ मैंने  कई साल टीचिंग भी की है और अभी कुछ सालो से मुंबई में हूँ और कई सीरियल्स और शोज करती हूँ .अभी मेरा 'उम्मीद नयी सुबह ' यह सीरियल चल रहा है जो दूरदर्शन पर दोपहर १.३० बजे आता है .

टीचिंग छोड़कर एक्टिंग में कैसे आने हुआ?

मुझे बचपन से ही फिल्म -टीवी इन सबसे बहुत लगाव था .बचपन से ही में इस इंडस्ट्री में आना चाहती थी लेकिन मेरे घरवाले चाहते थे की मैं अच्छे से पढाई कर लूँ उसके बाद फिर मुंबई आकर एक्टिंग में करिअर बनाऊ .इसलिए मैंने अपनी पढाई पूरी की और जॉब भी किया फिर उसके बाद मुंबई आयी.

इंडस्ट्री में शुरुवात कैसे हुई आपकी ?
पहला शो मैंने किया था 'बैंड बाजा बर्बाद 'जो टीवी बिंदास पर आया था उसके बाद कई टीवी एड ,गुमराह ,सीआयडी ,क्राइम पेट्रोल में काम किया और अब दूरदर्शन पर दो सीरियल ,पहला उम्मीद नयी सुबह की और दूसरा बेटी का फर्ज यह दोनों सीरियल में काम कर रही हूँ .

'उम्मीद नयी सुबह की' इस सीरियल में आपका किरदार के बारे में बताइये ?
इसमें मैं एक भोली -भाली और संस्कारी लड़की के किरदार में हूँ जो बहुत ईमानदार है ,सुलझी हुई है.वह सपने देखती है लेकिन पूरा करने में कही न कही डरती है इसलिए थोड़ी दबी -दबी सी रहती है जिसका फायदा कभी-कभी लोग उठा लेते है .


'बेटी का फर्ज ' इसके बारे में कुछ बताइये ?
यह शो अभी शुरू होने वाला है हाल ही में इसकी लॉन्चिंग हुई है .इसमें मैं एक वकील के किरदार में हूँ जो अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती है अपने उसूल पर चलती है जिसके वजह से लोग उसे कम पसंद करते है.


फिल्मो के बारे में आपका क्या ख्याल है?
मैं फिल्मो में काम बिलकुल करना चाहती हूँ लेकिन मैं फिल्मो में जाने से पहले अच्छी तरह से तैयारी कर जाना चाहती हूँ क्योंकि अभी मैं सीख रही हूँ .एक एक्टर हमेशा ही सीखता रहता है और मैं भी अपने काम से अपने सह-कलाकारों से सीख रही हूँ .जब मुझे लगेगा की अब सही समय है फिल्मो में जाने का तब मैं फिल्मो में अपनी किस्मत जरूर आजमाऊँगी.

आपने कितना स्ट्रगल किया है ?
सच कहु तो शुरुवात में मैंने बिलकुल स्ट्रगल नहीं किया मुझे मेरा पहले शो बड़े ही आसानी से मिल गया था लेकिन हाँ उसके बाद कुछ समय के लिए मेरे पास काम नहीं था जिसकी वजह से मैंने कई महीने अस्सिटेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया ,लेकिन वहां भी बहुत कुछ सिखने को मिला और अब दो शो कर रही हूँ .


'उम्मीद नयी सुबह की 'और बेटी का फर्ज ' यह दोनों ही शो में आपका किरदार अलग-अलग है ,कैसे मैनेज करती है आप इन दोनों किरदारों को करने में ?
यह मेरे लिए सबसे ज्यादा मुश्किल और चैलेंजिंग होता है क्योंकि 'उम्मीद नयी सुबह की' में मैं एक भोली-भाली और ईमानदार लड़की की भूमिका में हूँ लेकिन 'बेटी का फर्ज ' में मेरा किरदार इससे बिलकुल ही हटकर है ,यह मैं गुस्से वाली ,गंभीर तरह के किरदार में हूँ .मेरी दोनों ही शो का किरदार काफी अलग-अलग है लेकिन दोनों ही करने में मुझे बहुत अच्छा लगता है .और इससे अच्छी बात क्या होगी मेरे लिए की एक ही समय में दो किरदारों को मैं निभा रही हूँ जिससे मुझे बहुत कुछ सिखने मिल रहा है .

आपके शो के डायरेक्टर के बारे में कुछ बताइये ?
'उम्मीद नयी सुबह की' के डायरेक्टर अभिषेक सर एक बहुत ही सुलझे हुए डायरेक्टर है साथ ही साथ एक बहुत अच्छे इंसान भी है .उन्हें पता है की एक एक्टर से कैसे काम करवाना है अगर किसी सीन को करने में मुझे कोई दिक्कत होती है तो वे गुस्सा नहीं करते बल्कि बहुत अच्छी तरह से मुझे समझाते है उनके साथ काम करना काफी अच्छा लगता है न सिर्फ मुझे बल्कि बाकि सभी एक्टरों को उनके साथ काम करना बहुत अच्छा लगता है.

आपके आगे की क्या योजनाये है?
अभी दूरदर्शन पर मेरे दो शो चल रहे है ,दोनों में ही काफी व्यस्त रहती हूँ आगे की अभी कोई योजना नहीं बनाई है .

 

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