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देश
Publish Date: Sep 11, 2016
मायावती ने यूपी में जताई दंगों की आशंका
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एम. रियाज़ हाशमी

 

सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने विशाल रैली करके पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा, कांग्रेस और भाजपा को चिंता में डाल दिया है। करीब एक घंटे से अधिक समय तक दिए भाषण में उन्होंने सर्वसमाज को समझाया और बताया कि कैसे उनका हित बसपा में सुरक्षित है। केंद्र में कांग्रेस के लंबे शासन और भाजपा के पिछले व वर्तमान शासन को पूरे समाज का विरोधी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यूपी में कानून व्यवस्था पर अखिलेश सरकार को आड़े हाथों लिया और बिना नाम लिए आज़म खान को बड़बोला मंत्री करार दे डाला। उन्होंने आंशका जताई कि चुनाव से पहले यूपी में सपा, भाजपा और कांग्रेस मिलीभगत कर दंगे करा सकती हैं।
दिल्ली रोड स्थित कॉसमॉस सिटी के जिस 7 बीघा विशाल मैदान पर केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की गई थी, उसी मैदान को बसपा ने न सिर्फ पूरी तरह भर डाला, बल्कि कलेक्ट्रेट से लेकर रैली स्थल तक के सात किमी लंबे मार्ग को भी भीड़ से पाट दिया। सुबह छह बजे से भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। करीब 12.15 बजे पूर्व मुख्यमंत्री मायावती रैली स्थल पर हेलीकॉप्टर से पहुंची और स्वागत की औपचारिकता के बाद शुरू किया अपना भाषण। मायावती ने यूपी विधानसभा का चुनावी बिगुल फूंकते हुए साफ कह दिया कि यूपी की सत्ता में आने से बसपा को कोई नहीं रोक सकता। समझाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार धन्नासेठों, पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है और गरीबों, किसानों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देकर आरक्षण खत्म करने की साजिश रची जा रही है। दादरी, ऊना कांड के जरिए दलितों और अल्पसंख्यकों को मारा और डराया जा रहा है। केंद्र सरकार आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है।
मायावती ने शीला दीक्षित पर भी तंज कसे। कहा, उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते यूपी वालों को गंदगी फैलाने वाले बताया था। अब यूपी वाले शीला को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यूपी को कांग्रेस और उसकी शीला मंजूर नहीं है। किसानों के कर्ज माफी की आड़ में मोदी सरकार अमीरों को फायदा पहुंचा रही है। यूपी में भी भाजपा ने 6 साल राज किया और विकास पर ध्यान देने के बजाए सांप्रदायिक एजेंडे पर काम किया। मोदी जिन अच्छे दिनों के सपने दिखाकर केंद्र की सत्ता में आए, वे अब बुरे दिनों में तब्दील हो चुके हैं। मोदी ने चुनावी जनसभाओं में वादा किया था कि सत्ता में आए तो गरीबों को पूरे देश में सस्ता राशन देंगे। राशन तो दूर गैस और तेल के दाम भी बढ़ा दिए। बिली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरे देश में सुलभ नहीं कर पाएमोदी सत्ता में आने के बाद से पूंजीपतियों को साध रहे हैं।
मायावती ने किसानों के बकाया और भू अधिग्रहण बिल का भी जिक्र किया और बताया कि बसपा के कारण ही किसान विरोधी भू अधिग्रहण बिल पास नहीं हो पाया। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और सपा के शासन में देश और यूपी में हुए दंगों का जिक्र करते हुए मुस्लिमों को समझाया कि वे बसपा में ही सुरक्षित रह सकते हैं। यूपी की कानून व्यवस्था पर जमकर प्रहार किए और इसे वेंटीलेटर पर बताया। यह समझाना भी नहीं भूली कि दिल्ली की कानून व्यवस्था केंद्र की भाजपा सरकार के अधीन है और उससे दिल्ली की कानून व्यवस्था ही नहीं संभल रही है, लेकिन दावा उससे कई गुणा बड़े उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था संभालने का कर रही है।
अखिलेश यादव पर तंज कसे कि यूपी में इंसानों की नहीं, जानवरों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। आजम खान को नाम लिए बिना बड़बोला करार दिया। कहा, इस बड़बोले मंत्री ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की उंगली पर टिप्पणी की है। इस पर मुख्यमंत्री चुप हैं, जिससे उनकी मिलीभगत जाहिर होती है। याद रहे कि अगर बाबा साहेब का संविधान न होता तो मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के लोग सैफई में किसी धन्नासेठ की गाय, भैंस और बकरियां चरा रहे होते। राजनीति में इनकी भागेदारी नहीं होती। बाबा साहेब के बनाए कानून के कारण ही आज मुस्लिम इस देश में थोड़े बहुत खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। हम विधानसभा चुनाव में सपा के साथ, भाजपा और कांग्रेस को रोकेंगे। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय हमारा नारा नहीं, बल्कि पार्टी की नीति है। बसपा सत्ता में आई तो मुसलमानों, दलितों, पिछड़ों व व्यापारियों को बसपा के शासन में सुरक्षा की गारंटी होगी। बसपा को छोड़ने वाले या निकाले जाने वाले लोग हम पर टिकट बेचने के गलत आरोप लगाते हैं। दूसरे दलों पर भी ऐसे आरोप लगते हैं, लेकिन मीडिया सिर्फ बसपा को ही बदनाम करती हैबीएसपी के प्रति मीडिया की दोहरी मानसिकता है। विपक्षी दलों से सवाल पूछा कि जब यूपी में बसपा की हालत ठीक नहीं तो विपक्षी बताएं कि फिर बसपा का टिकट कौन खरीदेगा?
मायावती ने सर्वे वालों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि जनता गुमराह न होबसपा को शून्य दिखाने की साजिश की जाएगी। अखबारों, चैनलों, सर्वे एजेंसियों पर भाजपा और धन्ना सेठों का कब्जा है। तिलक, तराजू और तलवार के नारे में जरा भी सच्चाई नहीं है। अगर ऐसा होता तो हम अपनी सरकार और संगठन में अपर कास्ट को सम्मान न देते। सपा और भाजपा मिलीभगत से यूपी में चुनाव से पहले सांप्रदायिक दंगे कराए जा सकते हैं। हिंदू व मुस्लिम सावधान रहेंदंगे राजनीतिक स्वार्थ में कराए जाते हैं। यूपी में कांग्रेस, भाजपा व सपा इसके लिए दोषी हैं। मायावती ने घोषणा की कि सपा सरकार में जिनके साथ नाइंसाफी हो रही है, बसपा की सरकार आते ही उनके मुकदमे दर्ज होंगे और अब कार्रवाई न करने वाले अफसर भी दंडित किए जाएंगे। गुंडे, माफिया जेल भेजे जाएंगे। यह घोषणा भी की कि हम लैपटाप या मोबाइल फ्री नहीं देंगे। बल्कि युवाओं को नकद राशि के तौर पर अनुदान दिया जाएगा। बेरोजगारी भत्ता भी अलग से दिया जाएगा।
नसीमुद्दीन या सतीश मिश्रा नहीं होंगे मुख्यमंत्री:  माया
सहारनपुर। मायावती ने बड़ा ब्यान दिया है कि यूपी 2017 चुनाव में नसीमुद्दीन, सतीश मिश्रा को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। यह भाजपा की फैलाई अफवाह है। मैं ही मुख्यमंत्री बनूंगी। यदि 2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुझे दिल्ली भी जाना पड़ा तो भी यूपी का मुख्यमंत्री निष्ठावान दलित व्यक्ति ही बनाया जाएगा। जो लोद राज्यसभा में भेजे गए या दूसरे प्रदेशों में प्रभारी बनाए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाएंगे। केवल यूपी में निषठा से बसपा के मिशन में जुटे दलित व्यक्ति को ही मेरे दिल्ली जाने की स्थिति में मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

 

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