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फीचर
Publish Date: Nov 18, 2015
स्लीप एप्निया बढ़ा सकती है डायबिटीज और हार्ट की प्रॉब्लम
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लाइफस्टाइल डेस्कः

स्लीप एप्निया और खर्राटे, दोनों एक जैसी समस्याएं लगती हैं, लेकिन उनमें फर्क है। जब सोते वक्त जीभ के मसल्स और ऊपर सांस की नली आराम करने लगती हैं तो इस वजह से उस नली में कभी-कभी रूककर तो कभी पूरी तरह से प्रॉब्लम होने लगती है। खर्राटे की सिचुएशन में सांस नली पतली हो जाती है, जिस वजह से उसमें काफी कंपन पैदा होता है, जिससे खर्राटे की आवाज निकलने लगती है। स्लीप एप्निया में भी सांस की नली पूरी तरह से बाधित हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इस वजह से थोड़ी ही देर में नींद खुल जाती है, जिसे एराउजल या जागरण कहा जाता है, क्योंकि व्यक्ति का ब्रेन इस स्थिति को भांपकर नींद तोड़ देता है जिससे गले के मसल्स फिर से कंट्रोल हो जाए और सांस नली को खोल सके। नींद में पॉज, एप्निया कहलाता है, जो कुछ सेकंड से लेकर कई मिनटों का हो सकता है। यह एक घंटे में पांच बार तक हो सकता है।

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