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देश
Publish Date: Aug 29, 2016
इधर डकैत, उधर डकैती
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न्यूज़लाइन नेटवर्क

सहारनपुर। एक तरफ एसएसपी 13 डकैतों की गिरफ्तारी की जानकारी प्रेस कान्फ्रेंस में दे रहे थे और दूसरी तरफ छह डकैतों ने कॉर्पोरेशन बैंक में गार्ड की हत्या कर 18.75 लाख रुपये लूट लिए। कहीं इन दोनों ही घटनाओं का आपस में कोई संबंध तो नहीं?

हालांकि यह महज इत्तेफाक भी हो सकता है और इस बड़े सवाल की तफ्तीश में भले ही कुछ भी निकले, लेकिन इतना ज़रूर है कि बदमाशों ने पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। दरअसल, एक ही समय पर डकैत गिरोह की गिरफ्तारी और कॉर्पोरेशन बैंक में डकैती की घटना में कहीं न कहीं कुछ संबंध जरूर है। इस सवाल का जवाब तलाशने से पहले आइये नज़र डालते हैं इस डकैत गिरोह और इसके तौर तरीके पर जिनकी गिरफ्तारी के बाद बैंक में डकैती हुई।

29अगस्त 2016 की सुबह, दिन सोमवार। सहारनपुर के एसएसपी मनोज तिवारी मीडिया से मुख़ातिब थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने आबिद गैंग के 13 सदस्यों की गिरफ्तारी और उनसे बरामद हथियारों के बारे में ब्रीफिंग से निपटे थे। गैंग को स्वाट, सर्विलांस समेत पुलिस की कई टीमों ने पकड़ा है। गिरोह लीडर आबिद कंस्ट्रक्शन का ठेकेदार है। गिरोह में ज्यादातर सदस्य राज मिस्त्री हैं। अपराध के दौरान इनकी कोड भाषा भी पेशे में इस्तेमाल होने वाले शब्द ही होते थे। लूट के लिए जगह की रैकी करने को ‘नींव खोदना’ कहते थे। मौका-ए-वारदात तक ले जाने वाला बदमाश ‘ठेकेदार’ कहा जाता था। गैंग के प्रमुख बदमाश ‘मिस्त्री’ कहलाते थे। अन्य बदमाशों को ‘मजदूर’ पुकारा जाता था। बदमाश अपने असलहों को ‘करनी-बरसौली’ कहते थे।

पकड़े गए बदमाश शामली व बागपत व मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। इनमें सुमित उर्फ पंडि, आमिर उर्फ छोटा, इरफान, राशिद, शफाक उर्फ मोटा, गुलजार उर्फ गुल्लु, अहसान, मुर्सलीन, आबिद उर्फ ठेकेदार, शकील उर्फ सलीम काला उर्फ बाबा उर्फ अंधा, यासीन उर्फ मुल्ला, मुसारिक उर्फ हजारी और अमजद शामिल हैं। एसएसपी की ओर से इस जानकारी की ब्रीफिंग जैसे ही खत्म की गई, तभी एसएसपी कार्यालय से महज तीन फर्लांग की दूरी पर स्थित कॉर्पोरेशन बैंक में डकैती और हत्या की वारदात हो गई। यानी एक चुनौती खत्म और दूसरी शुरू। सवाल है कि क्या पुलिस ने इस गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार किया? क्या इसी गिरोह से संबंध रखने वाले और पुलिस गिरफ्त में न आने वाले बदमाशों ने बैंक डकैती की चुनौती पेश की? अगर बैंक डकैती की घटना आबिद गिरोह की गिरफ्तारी की बौखलाहट है तो यह अधिक गंभीर है।

बहरहाल अभी पुलिस टीमें बैंक डकैती व हत्या के मामले में अपने अपने लक्ष्य पर काम कर रही हैं और पहली बार सहारनपुर पुलिस किसी घटना के बाद त्वरित एक्शन में नजर भी आई है। ऐसा भी पहली बार हुआ है कि सहारनपुर पुलिस ने इस घटना के संबंध में आम लोगों से मदद मांगी है।

इन नंबरों पर दी जा सकती है सूचना

एसएसपी मनोज तिवारी ने बदमाशों के बारे में सूचना देने के लिए निम्न मोबाइल नंबर जारी किए हैं। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यदि किसी के पास बदमाशों के संबंध में कोई सूचना है तो वह इन नंबरों पर कॉल करके बता सकते हैं। ध्यान रखें कि एक बदमाश घायल है, जिसके हाथ में गोली लगी है। चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोग इस बिंदु को ध्यान में रखते हुए सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

एसआइ संजय राणा : 8864881955

एसआइ सुरेश त्यागी : 8445823929

एसओ जनकपुरी : 9454404184

सीओ सिटी सेकेंड : 9454401605

एसपी सिटी : 9454401116

एसएसपी : 9454400308

 

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